हे मेरे सतगुरू एक तुम ही तो हो जिस को हर समय करीब पाया है तेरी संगत का साथ तो हर समय नसीब हुआ मेरे सतगुरू, लेकिन तेरे बिना खुद को अकेला पाया है ।

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